Xiaomi ने बैटरी लाइन पर आग की रिपोर्टों को बताया गलत

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कई टेक प्लेटफ़ॉर्म्स पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही थी —
“Xiaomi की ऑटो फैक्ट्री की बैटरी लाइन पर आग लग गई!”

यह खबर इतनी तेजी से फैली कि Xiaomi को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी।
लेकिन सच्चाई क्या है?
क्या Xiaomi की EV बैटरी वाकई में आग पकड़ सकती है?
क्या यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कारों पर सवाल खड़ा करता है?

Xiaomi ने इन तमाम रिपोर्ट्स को पूरी तरह नकार दिया है, और उसी के बाद पूरा मामला और भी दिलचस्प हो गया है।

1. रिपोर्ट्स कैसे शुरू हुईं?

कई चीनी और इंटरनेशनल सोशल मीडिया अकाउंट्स ने दावा किया कि Xiaomi की ऑटो फैक्ट्री में बैटरी लाइन पर “भयंकर आग” लगी है।
कुछ वीडियो भी वायरल हुए, जिनमें फैक्ट्री के अंदर धुआँ और आग जैसा दृश्य दिखाया गया।

इन वीडियो को शेयर करते हुए लोग लिख रहे थे:

  • “Xiaomi EV बनाना शुरू होने से पहले ही बैटरी में आग लग गई!”
  • “क्या Xiaomi अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगी?”

इस अफवाह ने Xiaomi Auto पर सवाल खड़े कर दिए, खासकर उस दौर में जब EV बैटरी सुरक्षा पहले से ही दुनियाभर में एक संवेदनशील मुद्दा है।

2. आधिकारिक बयान: ‘खबरें गलत हैं’

Xiaomi ने तुरंत एक आधिकारिक स्टेटमेंट जारी कर साफ कहा —
“ये रिपोर्ट्स गलत हैं। यह हाल की घटना नहीं है। यह 2024 में एक छोटा-सा टेस्टिंग हादसा था।”

कंपनी ने बताया कि यह घटना उत्पादन शुरू होने से पहले की टेस्टिंग (debugging) प्रक्रिया के दौरान हुई थी।

उन्होंने कहा:

  • यह कोई बड़ी आग नहीं थी
  • इसे कुछ ही सेकंड में कंट्रोल कर लिया गया
  • इससे फैक्ट्री के अन्य हिस्सों या कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं हुआ
  • यह बैटरी डिज़ाइन या मैन्युफैक्चरिंग की गलती नहीं थी

यानी Xiaomi ये साफ करने में लगी है कि इसकी EV बैटरी की क्वालिटी पर सवाल उठाना गलत है।

3. आखिर टेस्टिंग के वक्त हुआ क्या था?

Xiaomi के अनुसार मामला कुछ इस तरह था:

  1. बैटरी पैक को AGV (Automated Guided Vehicle) के जरिए ले जाया जा रहा था।
  2. मशीन डिबगिंग (manual mode testing) के दौरान AGV और उपकरण में हल्की टक्कर हो गई।
  3. टक्कर में एक बैटरी सेल scratch हो गया, जिससे शॉर्ट-सर्किट हुआ।
  4. इससे “छोटा सा open flame” निकला, जिसे तुरंत बुझा दिया गया।

कंपनी ने बताया कि यह एक मानवीय त्रुटि + परीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा था और उत्पादन शुरू होने से पहले ऐसी घटनाएँ आम हैं।

4. क्या यह Xiaomi EV की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है?

कंपनी का कहना है — बिल्कुल नहीं।

Xiaomi ने साफ बताया:

  • उनकी बैटरी सभी राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों को पूरा करती है
  • यह घटना डिज़ाइन flaw या battery quality issue नहीं है
  • यह सिर्फ उपकरण टेस्टिंग के शुरुआती दिनों की एक isolated घटना थी
  • कंपनी ने बाद में बैटरी लाइन की सभी खामियों को पूरी तरह ठीक कर लिया था

यानी Xiaomi यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि यह घटना SU7, YU7 और आने वाले मॉडलों की सुरक्षा विश्वसनीयता पर कोई प्रभाव न डाले।

5.वायरल वीडियो क्या था? उसे भी खारिज किया

एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें फैक्ट्री जैसी जगह दिख रही थी।
लोगों ने इसे “आग की घटना का वीडियो” बताकर शेयर किया।

Xiaomi ने इस पर भी स्पष्टीकरण दिया: Global Times

  • यह वीडियो असली घटना का फुटेज नहीं था
  • यह सिर्फ फैक्ट्री के शुरुआती installation और commissioning phase का शॉट था
  • इसे गलत तरीके से आग की घटना से जोड़ा गया

कंपनी ने साफ कहा — “Not real, not related.”

6. स्पष्टीकरण क्यों देना पड़ा?

क्योंकि EV बैटरी और आग—दोनों का नाम साथ आते ही लोग सतर्क हो जाते हैं।
कई EV कंपनियों की बैटरियाँ पहले भी आग पकड़ चुकी हैं, जैसे:

  • Tesla
  • BYD
  • Hyundai Kona
  • Tata Nexon EV

इसलिए Xiaomi के लिए यह आवश्यक था कि वह:

  • तुरंत सफाई दे
  • अफवाहें रोकें
  • ग्राहक और निवेशक दोनों को शांत करें

और उन्होंने वैसा ही किया।

7. क्या Xiaomi के EV लॉन्च पर इसका असर पड़ेगा?

संभावना कम है।
इसके कारण:

✔ घटना पुरानी थी (2024 की)

यह घटना उत्पादन शुरू होने से कई महीने पहले की थी।
इसलिए अब की कारों पर इसका असर नहीं पड़ता।

✔ Xiaomi ने सभी सिस्टम फिक्स कर लिए थे

कंपनी के मुताबिक बैटरी लाइन की installation और validation के दौरान पहचानी गई सभी समस्याएँ production शुरू होने से पहले हल कर दी गईं।

✔ कोई worker चोटिल नहीं हुआ

जिससे safety compliance under control माना जाता है।

✔ डिज़ाइन फ्लॉ नहीं था

इससे Xiaomi की EV credibility सुरक्षित रहती है।

8. आलोचक क्या कह रहे हैं?

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि:

  • Xiaomi एक नई EV कंपनी है
  • पहली EV में safety पहली प्राथमिकता होनी चाहिए
  • आग जैसी घटना—even if small—अच्छी नहीं मानी जाती
  • कंपनी को पूरा डेटा public करना चाहिए

दूसरी तरफ Xiaomi समर्थकों का कहना है:

  • “इस तरह की छोटी घटनाएँ हर EV कंपनी में टेस्टिंग के दौरान होती हैं”
  • “Media ने इसे जरूरत से ज्यादा sensational बना दिया”
  • “कम से कम Xiaomi ने तुरंत issue clarify किया”

9. EV मार्केट में मौजूदगी और इससे होने वाला प्रभाव

Xiaomi EV सेक्टर में अचानक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरी है।
उसकी SU7 इलेक्ट्रिक कार ने लॉन्च पर ही:

  • रिकॉर्ड pre-bookings लीं
  • Tesla और Nio जैसी कंपनियों को टक्कर दी
  • चीन में धमाकेदार बिक्री की

ऐसे में उसकी बैटरी लाइन पर आग जैसी खबरें ब्रांड पर बड़ा असर डाल सकती थीं।

लेकिन कंपनी ने इसे तुरंत साफ कर दिया, जिससे:

  • निवेशकों का विश्वास बना रहेगा
  • शुरुआती buyer सुरक्षित महसूस करेंगे
  • EV मार्केट में Xiaomi की credibility में कोई तत्काल गिरावट नहीं आएगी

10. क्या भविष्य में ऐसी घटनाएँ फिर हो सकती हैं?

यह पूरी तरह EV इंडस्ट्री पर निर्भर करता है!

EV बैटरियों में fire risk हमेशा रहता है।
लेकिन कंपनियाँ इसे minimize करती हैं:

  • थर्मल रनअवे प्रोटेक्शन
  • मल्टी-लेयर बैटरी कोटिंग
  • BMS (Battery Management System)
  • Crash protection cell design

Xiaomi की पहली कारों में top-tier बैटरी tech होने का दावा किया गया है।
अगर उनके safety standards वास्तव में मजबूत हैं, तो ऐसी घटनाएँ दोहराने की संभावना कम है।

11. एक सख्त चेतावनी

कंपनी ने लोगों को आगाह किया है:

“अफवाहों पर भरोसा न करें और न फैलाएँ।”
और कहा कि वे अपनी internal safety और quality control को और मजबूत करेंगे।

इस पूरे मामले से साफ है:

  • घटना असली थी, लेकिन बहुत पुरानी और छोटी
  • मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म्स ने इसे “नया हादसा” बताकर उड़ा दिया
  • Xiaomi की बैटरी सुरक्षा फिलहाल खतरे में नहीं दिख रही
  • अब तक न कोई बड़ी आग, न किसी ग्राहक को नुकसान
  • लॉन्च पर इसका ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा

संक्षेप में —
Xiaomi की EVs अभी भी सुरक्षित हैं, और यह मामला एक अनावश्यक सोशल मीडिया हाइप था।

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