West Indies ODI Record: 54 साल बाद इतिहास, पूरे 50 ओवर सिर्फ स्पिन से

क्रिकेट का नया अध्याय — ‘स्पिन का साम्राज्य’

क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई पल आए हैं जिन्होंने खेल को हमेशा के लिए बदल दिया। लेकिन 21 अक्टूबर 2025 का दिन उन गिने-चुने दिनों में से एक बन गया, जब वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने 54 साल पुराने वनडे (ODI) इतिहास में ऐसा काम किया जो आज तक किसी टीम ने नहीं किया था।
मीरपुर (ढाका) के नेशनल स्टेडियम में खेले गए बांग्लादेश बनाम West Indies दूसरे वनडे में, West Indies ने पूरे 50 ओवर सिर्फ स्पिन गेंदबाज़ों से फेंके — यानी एक भी तेज़ गेंदबाज़ का इस्तेमाल नहीं हुआ।

यह रिकॉर्ड अपने आप में एक ‘क्रिकेट मील का पत्थर’ है — क्योंकि ODI क्रिकेट की शुरुआत 1971 में हुई थी, और तब से लेकर अब तक कोई भी टीम पूरी पारी केवल स्पिन गेंदबाज़ों से नहीं डलवा सकी थी।

पिच थी ‘माइनफील्ड’, जहाँ हर गेंद घूम रही थी

ढाका का मीरपुर स्टेडियम हमेशा से धीमी और टर्निंग पिच के लिए जाना जाता है। बांग्लादेश जैसी टीमों ने इस तरह की पिचों का फायदा अक्सर उठाया है — लेकिन इस बार West Indies ने उसी हथियार से उन्हें मात दे दी।
पिच इतनी धीमी थी कि बॉल हवा में और पिच से दोनों ही जगह टर्न ले रही थी। कप्तान शाई होप ने टॉस जीतने के बाद जब गेंदबाज़ी का फैसला किया, तो हर किसी को उम्मीद थी कि कुछ ओवर पेसर्स करेंगे। लेकिन हुआ उल्टा — पहले ओवर से लेकर 50वें ओवर तक केवल स्पिनर्स ही दिखे।

कौन-कौन थे वो स्पिन हीरोज़?

West Indies ने इस ऐतिहासिक मैच में पाँच स्पिनर्स को उतारा —

  1. Akeal Hosein
  2. Gudakesh Motie
  3. Roston Chase
  4. Khary Pierre
  5. Alick Athanaze

इन सभी पाँचों ने मिलकर 10-10 ओवर फेंके और किसी ने भी कप्तान की उम्मीदों को तोड़ा नहीं।
Akeal Hosein ने तो पिच का सबसे बेहतरीन इस्तेमाल किया — उन्होंने शुरुआती ओवरों में ही बांग्लादेश के टॉप ऑर्डर को जकड़ लिया।
Gudakesh Motie की टर्निंग बॉल्स और Roston Chase की सटीक लाइन-लेंथ ने बांग्लादेशी बल्लेबाज़ों को बैकफुट पर धकेल दिया।

सुपर ओवर में भी बना रोमांच

जब दोनों टीमें 213 रन पर बराबर रहीं, तो मुकाबला सुपर ओवर में गया।
West Indies ने सुपर ओवर में भी स्पिनर से ही गेंदबाज़ी कराई — और यह फिर साबित किया कि “स्पिन ही है नई ताकत।”
Akeal Hosein ने सुपर ओवर में बांग्लादेश को केवल 6 रन पर रोक दिया, और शाई होप ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

यह रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है — यह एक रणनीतिक क्रांति है।
West Indies, जो कभी अपने फायरबॉलिंग पेसर्स के लिए जानी जाती थी — जैसे कि मैल्कम मार्शल, एंडी रॉबर्ट्स, माइकल होल्डिंग, कर्टली एम्ब्रोज़ और वॉल्श — आज उसी टीम ने “स्पिन का साम्राज्य” रचा है।
यह एक क्रिकेटिंग इवोल्यूशन है — जहाँ एक टीम ने अपनी परंपरा से हटकर परिस्थितियों के अनुसार खेला और इतिहास बना दिया।

रणनीति: क्यों चुना सिर्फ स्पिन?

  1. पिच की प्रकृति:
    मीरपुर की पिच में बॉल धीमी पड़ रही थी, जिससे स्पिनर्स को भरपूर मदद मिल रही थी।
    तेज़ गेंदबाज़ों के लिए यहाँ कोई “सीम मूवमेंट” नहीं थी।
  2. बांग्लादेश की कमजोरी:
    बांग्लादेशी बल्लेबाज़ खुद स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते रहे हैं — खासकर जब पिच में उछाल और टर्न दोनों हों।
  3. पाँच विकल्पों का संयोजन:
    हर स्पिनर अलग शैली का था — Akeal Hosein लेफ्ट-आर्म orthodox, Motie भी लेफ्ट-आर्म, Chase ऑफ-स्पिनर, Pierre चाइनामैन और Athanaze पार्ट-टाइम स्पिनर।
    यानी हर गेंद नई कहानी कह रही थी।

बांग्लादेश की मुश्किलें

बांग्लादेश के बल्लेबाज़ों ने शुरुआत में कुछ रन जरूर बनाए, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, रन बनाना मुश्किल होता गया।
सभी बल्लेबाज़ ‘डबल माइंडेड’ दिखे — ना तो फ्रंट फुट पर आगे बढ़ पा रहे थे, ना ही स्वीप या रिवर्स स्वीप खेलने का आत्मविश्वास था।
शाकिब अल हसन और तमीम इकबाल जैसी अनुभवी जोड़ी भी वेस्टइंडीज की टर्निंग गेंदों में फँस गई।

क्रिकेट इतिहास में अन्य ‘अनोखे रिकॉर्ड्स’ की तुलना

टीमरिकॉर्डवर्ष
श्रीलंकासबसे कम रन पर जीत (55 रन डिफेंड)1993
भारतसबसे ज्यादा लगातार टेस्ट जीत2016-17
पाकिस्तानसबसे ज्यादा स्पिन ओवर एक पारी में (46 ओवर)2011
West Indiesपूरी पारी 50 ओवर स्पिन से – पहली बार ODI इतिहास में2025

यह दिखाता है कि 54 सालों की ODI क्रिकेट में यह रिकॉर्ड वास्तव में ‘वन-ऑफ-ए-काइंड’ है।

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खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया

कप्तान शाई होप (West Indies):

“हमने पिच देखकर तय किया था कि यहाँ स्पिन ही मैच जीताएगा। हमारे पास पांच अलग-अलग स्टाइल के स्पिनर्स हैं — और हमने उनके ऊपर भरोसा जताया। आज वह भरोसा कामयाब रहा।”

Akeal Hosein:

“ये पिच इतनी धीमी थी कि अगर आप सही लाइन लें, तो विकेट खुद मिलेगा। मुझे खुशी है कि हमने इतिहास रचा।”

बांग्लादेश कप्तान Mehidy Hasan Miraz:

“हमारी बल्लेबाज़ी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पिच टफ थी, लेकिन हमें अपनी तकनीक पर काम करना होगा।”

West Indies की यह उपलब्धि न केवल आंकड़ों का रिकॉर्ड है, बल्कि एक संदेश भी है —
कि क्रिकेट में नवाचार (innovation) और स्थिति की समझ (adaptation) सबसे बड़ा हथियार है।
जिस टीम ने कभी “फास्ट एंड फ्यूरियस” गेंदबाज़ों के दम पर दुनिया पर राज किया था, वही टीम अब “स्पिन एंड स्किल” की मिसाल बन गई।

मीरपुर की वह शाम क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी —
क्योंकि उस दिन वेस्टइंडीज ने दुनिया को दिखा दिया कि चाहे पिच कैसी भी हो,
अगर रणनीति सही हो तो “स्पिन ही है नई स्पीड।”

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