Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari मूवी रिव्यू

बॉलीवुड में शादी, प्यार और फैमिली ड्रामा हमेशा से दर्शकों का पसंदीदा ज़ोन रहा है। शशांक खेतान की नई फिल्म Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari” इसी परंपरा को आगे बढ़ाने की कोशिश करती है। वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की जोड़ी, चमचमाती शादी के सेट, रंगीन गाने और कॉमिक ट्विस्ट – सबकुछ मिलाकर यह फिल्म पूरी तरह मसाला एंटरटेनमेंट पैकेज की तरह तैयार की गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह फिल्म सिर्फ सतही चमक तक सीमित रह जाती है या सच में दर्शकों को दिल से छू पाती है?

Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Movie Review in Hindi कहानी

फिल्म की कहानी दो एक्स-लवर्स, सनी (वरुण धवन) और तुलसी (जाह्नवी कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों अपने-अपने रास्ते जा चुके हैं और अब दूसरों से शादी करने वाले हैं। लेकिन किस्मत उन्हें बार-बार एक साथ खींच लाती है। कहानी का मुख्य ट्विस्ट यही है – कैसे दोनों दूसरों के रिश्ते तोड़ने की साजिश रचते हैं और इस सफर में एक-दूसरे के लिए दबी भावनाओं को दोबारा पहचानते हैं।

कहानी में परिवार, संस्कार, और समाज की उम्मीदों का रंग भी घुला हुआ है। साथ ही फिल्म में शादी के बड़े सेट, रस्में, कॉमिक सिचुएशन और ड्रामाई मोड़ लगातार चलते रहते हैं।

अभिनय

Varun Dhawan

Varun Dhawan फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेज़ेंस हर सीन में नज़र आती है। सनी का किरदार थोड़ी ओवर-द-टॉप एनर्जी माँगता है, और वरुण इसे बखूबी निभाते हैं।

Janhvi Kapoor

Janhvi Kapoor तुलसी के किरदार में सादगी और भावुकता लाती हैं। हालांकि स्क्रिप्ट उन्हें ज्यादा स्पेस नहीं देती, लेकिन जहाँ मौका मिलता है, वहाँ वे दिल जीतने में सफल रहती हैं।

सपोर्टिंग कास्ट

सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ जैसे कलाकार साइड कैरेक्टर में जान डालते हैं। कई हल्के-फुल्के कॉमिक सीन्स इन्हीं की वजह से मज़ेदार लगते हैं।

संगीत और गाने

बॉलीवुड की शादी-आधारित फिल्मों में संगीत आधी सफलता तय कर देता है। इस फिल्म में भी म्यूजिक एक बड़ा आकर्षण है।

  • “पनवाड़ी” गाना पहले से हिट हो चुका है और थिएटर में भी लोगों को थिरकाता है।
  • बाकी गाने भी शादी-वाले माहौल के हिसाब से तैयार किए गए हैं, हालांकि उनमें से कुछ जल्दी भुला दिए जाते हैं।
  • बैकग्राउंड स्कोर उत्साह बनाए रखता है और रंगीन सेट्स के साथ मिलकर फिल्म को फेस्टिव टोन देता है।

निर्देशन

शशांक खेतान का निर्देशन काफी हद तक ट्रेडिशनल बॉलीवुड स्टाइल में है। बड़े सेट, ड्रामाई मोड़, इमोशनल डायलॉग – सबकुछ उनकी पहचान जैसा लगता है। लेकिन यही उनकी कमजोरी भी है, क्योंकि कहानी में मौलिकता की कमी दिखती है।

कई बार लगता है कि फिल्म तय नहीं कर पा रही कि इसे पूरी तरह कॉमेडी होना है या इमोशनल फैमिली ड्रामा। टोन बार-बार बदलता है, जिसकी वजह से दर्शक कन्फ्यूज़ हो सकते हैं।

क्या अच्छा है

  1. Varun Dhawan का एनर्जी से भरा अभिनय – वे पूरी फिल्म को उठाए रखते हैं।
  2. Janhvi Kapoor की ईमानदार परफॉर्मेंस – वे अपने हिस्से में चमकती हैं।
  3. संगीत और डांस – शादी का जोश फिल्म में लगातार बना रहता है।
  4. रंगीन सेट और सिनेमैटोग्राफी – फिल्म देखने में खूबसूरत लगती है।
  5. हल्के-फुल्के पल – कई जगह फिल्म सचमुच हँसाती है।

क्या कमज़ोर है

  1. कहानी की प्रेडिक्टेबिलिटी – एक्स-लवर्स, शादी, फैमिली ड्रामा वाला फार्मूला बहुत बार देखा जा चुका है।
  2. स्क्रिप्ट की ढिलाई – कई सीन कहानी आगे नहीं बढ़ाते और फिल्म लंबी खिंचती है।
  3. टोन में असमानता – कॉमेडी और ड्रामा के बीच स्मूद बैलेंस नहीं बन पाता।
  4. संवाद और संदर्भ – कई बार फिल्म खुद पर फिल्मी रेफरेंस डालती है, जिससे मौलिकता कम होती है।
  5. इमोशनल गहराई की कमी – फिल्म सतही मनोरंजन तक सीमित रह जाती है।

तकनीकी पहलू

  • सिनेमैटोग्राफी शानदार है। शादी वाले दृश्यों में रंग और भव्यता दर्शकों को आकर्षित करती है।
  • एडिटिंग पर थोड़ी और मेहनत होती तो फिल्म और क्रिस्प लगती।
  • कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन बेहद ग्लैमरस हैं और फिल्म को बड़ा कैनवस देते हैं।

Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari एक टिपिकल बॉलीवुड रोम-कॉम है जिसमें कुछ मजेदार पल, अच्छे गाने और Varun Dhawan-Janhvi Kapoor की प्यारी केमिस्ट्री है। लेकिन कहानी में ताजगी की कमी और स्क्रिप्ट की कमजोरी इसे औसत फिल्म की श्रेणी में ले आती है।

रेटिंग की बात करें तो:
⭐️⭐️⭐️ (5 में से 3)

यह फिल्म एक बार थिएटर में दोस्तों या परिवार के साथ एंटरटेनमेंट के लिए देखी जा सकती है, लेकिन इसे लंबे समय तक याद रखने लायक कुछ खास नहीं है।

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