भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में कई खिलाड़ियों ने अपने वर्कलोड और फिटनेस को देखते हुए बड़े फैसले लिए हैं। अब इसी कड़ी में मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ श्रेयस अय्यर ने भी रेड-बॉल क्रिकेट (यानी टेस्ट और फर्स्ट-क्लास फॉर्मेट) से ब्रेक लेने का अनुरोध किया है। यह फैसला न सिर्फ़ उनके करियर बल्कि भारतीय क्रिकेट टीम की रणनीति पर भी असर डाल सकता है।
Shreyas Iyer की पृष्ठभूमि
Shreyas Iyer का नाम भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिना जाता है।
- घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से खेलते हुए उन्होंने लगातार रन बनाए।
- उनकी आक्रामक और निडर बल्लेबाज़ी ने उन्हें जल्द ही भारत A और फिर सीनियर टीम तक पहुंचाया।
- सीमित ओवरों के क्रिकेट (ODI और T20I) में वे टीम इंडिया के लिए अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
- वहीं टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने डेब्यू के बाद अच्छे प्रदर्शन किए, खासकर 2021 में कानपुर टेस्ट में शतक जड़कर उन्होंने अपनी पहचान बनाई।
लेकिन इसके बावजूद उनकी फिटनेस और चोटों की वजह से उन्हें बार-बार संघर्ष करना पड़ा है।
रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक क्यों?
Shreyas Iyer ने बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को लिखित रूप से सूचित किया है कि वे फिलहाल रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेलना चाहते। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:
1.कमर की समस्या
- पिछले सालों से अय्यर को कमर और पीठ में जकड़न की समस्या रही है।
- लंबे समय तक फील्डिंग और लगातार बल्लेबाज़ी रेड-बॉल क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौती होती है।
- उन्होंने साफ कहा कि उनका शरीर लगातार चार दिन के खेल का दबाव फिलहाल नहीं झेल पा रहा।
2.वर्कलोड मैनेजमेंट
- आज के दौर में क्रिकेट कैलेंडर बेहद व्यस्त है। IPL, घरेलू टूर्नामेंट, इंटरनेशनल सीरीज और फ्रेंचाइज़ी लीग्स मिलाकर खिलाड़ी साल के अधिकांश महीने क्रिकेट खेलते हैं।
- ऐसे में खिलाड़ियों को अपनी प्राथमिकताएँ तय करनी पड़ती हैं।
3.फोकस सफेद गेंद के खेल पर
- Shreyas Iyer सीमित ओवरों के फॉर्मेट में भारत के अहम बल्लेबाज़ हैं।
- आने वाले महीनों में भारत को कई बड़ी T20 और ODI सीरीज खेलनी हैं, जिनमें उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
किस तरह सामने आया यह फैसला?
- हाल ही में अय्यर ने इंडिया A बनाम ऑस्ट्रेलिया A मैच से अपना नाम वापस ले लिया था।
- इसके अलावा उन्होंने डुलेप ट्रॉफी और कुछ अन्य घरेलू रेड-बॉल मैचों में भी हिस्सा नहीं लिया।
- यह सब देखते हुए साफ हो गया कि अय्यर फिलहाल लंबा फॉर्मेट खेलने के इच्छुक नहीं हैं।
इसका असर क्या होगा?
1. भारतीय टेस्ट टीम पर असर
- Shreyas Iyer मिडिल ऑर्डर में स्थायी जगह बनाने की ओर बढ़ रहे थे।
- उनका ब्रेक लेने का मतलब है कि अब अन्य बल्लेबाज़ों को मौका मिलेगा।
- शुभमन गिल, सरफराज खान, रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी उनकी गैरहाज़िरी में जगह मजबूत कर सकते हैं।
2. घरेलू क्रिकेट पर असर
- मुंबई जैसी मज़बूत रणजी टीम को उनके अनुभव और क्लास की ज़रूरत होती है।
- Shreyas Iyer के न खेलने से मुंबई का मिडिल ऑर्डर थोड़ा कमजोर हो सकता है।
3. Shreyas Iyer के करियर पर असर
- रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बनाने पर चयनकर्ता उन्हें भविष्य की टेस्ट योजनाओं में पीछे कर सकते हैं।
- हालांकि, सफेद गेंद के खेल में उनका करियर सुरक्षित रहेगा और वे लंबे समय तक खेल सकते हैं।
क्या यह स्थायी ब्रेक है?
नहीं।
- Shreyas Iyer ने साफ किया है कि यह स्थायी संन्यास नहीं है, बल्कि फिलहाल के लिए ब्रेक है।
- वे अपने शरीर और फिटनेस पर काम करना चाहते हैं।
- जैसे ही उन्हें लगेगा कि वे लंबा फॉर्मेट खेलने के लिए फिट हैं, वे वापसी कर सकते हैं।cricbuzz
पहले भी खिलाड़ियों ने लिया ऐसा फैसला
अय्यर अकेले खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने वर्कलोड और फिटनेस मैनेजमेंट के लिए रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बनाई हो।
- ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल और इंग्लैंड के इयोन मॉर्गन जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने करियर का फोकस सफेद गेंद पर रखा।
- भारत में भी कई खिलाड़ी टी20 और वनडे को प्राथमिकता देने लगे हैं।
श्रेयस अय्यर का रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक लेना उनके करियर का बड़ा फैसला है।
- यह दिखाता है कि आज के क्रिकेट में फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट कितने महत्वपूर्ण हो गए हैं।
- हालांकि इसका असर उनके टेस्ट करियर पर पड़ सकता है, लेकिन सफेद गेंद के खेल में उनकी भूमिका और भी मज़बूत हो सकती है।
आखिरकार यह फैसला सही है या गलत, यह आने वाले समय में ही साबित होगा। लेकिन इतना तय है कि अय्यर जैसे टैलेंटेड बल्लेबाज़ का भविष्य अभी भी उज्ज्वल है, चाहे वह किसी भी फॉर्मेट में खेलें।