Ranveer Singh ने ठुकराए 40 करोड़? ‘मैंने एक भी पैसा नहीं लिया’ – बैजू बावरा पर 1 साल की मेहनत

Ranveer Singh ने ठुकराए 40 करोड़? ‘मैंने एक भी पैसा नहीं लिया’

बॉलीवुड इंडस्ट्री में अक्सर बड़े बजट, बड़े सितारों और भारी-भरकम फीस की चर्चा होती रहती है। लेकिन हाल ही में रणवीर सिंह का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने एक प्रोजेक्ट के लिए “एक भी पैसा नहीं लिया” और संजय लीला भंसाली की शेल्व्ड फिल्म बैजू बावरा पर उन्होंने पूरा एक साल दिया। साथ ही, खबरें यह भी सामने आईं कि उन्होंने फरहान अख्तर की 40 करोड़ रुपये की फीस से जुड़ी डिमांड को भी ठुकरा दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म इंडस्ट्री में कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या सच में रणवीर ने इतनी बड़ी रकम को ठुकराया? आखिर बैजू बावरा का क्या हुआ? और इस फैसले का उनके करियर पर क्या असर पड़ेगा?

Ranveer singh बॉलीवुड के उन अभिनेताओं में से हैं जिन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। बैंड बाजा बारात से लेकर गली बॉय और पद्मावत तक, उन्होंने हर किरदार में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। लेकिन उनकी सबसे बड़ी ताकत है—अपने काम के प्रति जुनून। यही जुनून शायद उन्हें ऐसे फैसले लेने की ताकत देता है, जहां पैसे से ज्यादा महत्व वे अपने क्राफ्ट और फिल्म की गुणवत्ता को देते हैं।

फरहान अख्तर और 40 करोड़ की डिमांड का विवाद

खबरों के मुताबिक, फरहान अख्तर एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए रणवीर सिंह को कास्ट करना चाहते थे। यह फिल्म बड़े स्तर पर प्लान की जा रही थी और इसके लिए रणवीर को 40 करोड़ रुपये की फीस ऑफर की गई थी। लेकिन रणवीर ने इस डील को स्वीकार नहीं किया। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि रणवीर उस समय पहले से ही संजय लीला भंसाली की बैजू बावरा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध थे।

रणवीर ने अपने करीबी लोगों से कथित तौर पर कहा कि वे उस समय किसी और फिल्म पर फोकस नहीं कर सकते, क्योंकि वे पूरी तरह से एक ऐतिहासिक और म्यूजिकल प्रोजेक्ट की तैयारी में लगे हुए थे। यही वजह रही कि उन्होंने भारी-भरकम रकम के बावजूद इस ऑफर को ठुकरा दिया।

‘मैंने एक भी पैसा नहीं लिया’ – रणवीर का बयान

एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने साफ कहा कि उन्होंने बैजू बावरा के लिए एक भी पैसा एडवांस के तौर पर नहीं लिया था। उनका कहना था कि वे इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने जुनूनी थे कि उन्होंने इसे सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि अपने करियर की एक बड़ी चुनौती माना। वे क्लासिकल म्यूजिक की ट्रेनिंग ले रहे थे, अपने लुक पर काम कर रहे थे और किरदार में पूरी तरह ढलने की कोशिश कर रहे थे। रणवीर ने कहा कि जब फिल्म शेल्व हो गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान से ज्यादा मानसिक और भावनात्मक झटका लगा, क्योंकि उन्होंने इस प्रोजेक्ट में अपना एक साल लगा दिया था। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वे भंसाली के विजन पर भरोसा करते हैं और अगर भविष्य में यह फिल्म दोबारा शुरू होती है तो वे फिर से उसी समर्पण के साथ काम करेंगे।

संजय लीला भंसाली की बैजू बावरा क्यों हुई शेल्व?

बैजू बावरा को लेकर लंबे समय से चर्चा थी कि यह एक भव्य म्यूजिकल ड्रामा होगी, जिसमें क्लासिकल म्यूजिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पहले खबर थी कि इसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। लेकिन बाद में प्रोडक्शन से जुड़ी कुछ चुनौतियों, बजट और कास्टिंग बदलावों के कारण यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी फिल्म के लिए सैकड़ों करोड़ का बजट चाहिए था और महामारी के बाद बॉक्स ऑफिस के अनिश्चित माहौल ने निर्माताओं को सावधानी बरतने पर मजबूर किया। इसी कारण फिल्म को फिलहाल रोक दिया गया।

रणवीर सिंह अपने किरदारों के लिए पूरी तरह से समर्पित रहने के लिए जाने जाते हैं। बैजू बावरा के लिए भी उन्होंने खुद को लगभग दुनिया से अलग कर लिया था। क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग, किरदार के मानसिक पहलुओं को समझना, ऐतिहासिक संदर्भों पर रिसर्च—उन्होंने हर पहलू पर गहराई से काम किया।

सूत्रों के अनुसार, वे रोजाना कई घंटे रियाज करते थे और अपने डाइट व लाइफस्टाइल में भी बदलाव किया था। उनका मानना था कि अगर वे इस किरदार को निभाते हैं तो उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि संगीत की आत्मा को भी समझना होगा।

पैसा बनाम पैशन: रणवीर का नजरिया

आज के दौर में जहां एक फिल्म के लिए 30-40 करोड़ की फीस आम बात हो गई है, वहां किसी अभिनेता का इतना बड़ा ऑफर ठुकराना आसान नहीं होता। लेकिन रणवीर का कहना है कि उनके लिए पैसा कभी प्राथमिकता नहीं रहा। वे स्क्रिप्ट और निर्देशक के विजन को ज्यादा महत्व देते हैं।

उन्होंने कई बार कहा है कि वे ऐसे प्रोजेक्ट चुनना चाहते हैं जो उन्हें चुनौती दें और दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक जगह बनाए रखें। यही सोच शायद उन्हें बाकी अभिनेताओं से अलग बनाती है।

करियर पर क्या पड़ेगा असर?

कुछ फिल्म ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स का शेल्व होना किसी भी स्टार के करियर के लिए चिंता का विषय हो सकता है। लेकिन रणवीर के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। उनके पास पहले से ही कई हिट फिल्में हैं और वे एक मजबूत फैन बेस रखते हैं।

हालांकि, यह भी सच है कि हाल के वर्षों में उनकी कुछ फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। ऐसे में सही प्रोजेक्ट का चुनाव उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

इंडस्ट्री में संदेश

रणवीर सिंह का यह फैसला इंडस्ट्री में एक अलग संदेश देता है—कि हर चीज पैसे से नहीं तौली जा सकती। कभी-कभी एक कलाकार अपने जुनून और सपनों को प्राथमिकता देता है, भले ही उसे आर्थिक नुकसान क्यों न उठाना पड़े।

यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो कला को व्यवसाय से ऊपर रखती है। रणवीर का यह बयान आने वाले कलाकारों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है कि वे अपने काम के प्रति सच्चे रहें।

भविष्य की राह

अब सवाल यह है कि आगे क्या? क्या बैजू बावरा दोबारा शुरू होगी? क्या रणवीर और फरहान अख्तर किसी नए प्रोजेक्ट में साथ काम करेंगे? इंडस्ट्री में कुछ भी स्थायी नहीं होता। आज जो फिल्म रुकी है, वह कल फिर से शुरू हो सकती है।

रणवीर फिलहाल अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं और उम्मीद है कि वे जल्द ही एक बड़ी हिट के साथ वापसी करेंगे। उनके फैंस को भी यही इंतजार है कि वे फिर से किसी दमदार किरदार में नजर आएं।

निष्कर्ष

ranveer singh का “मैंने एक भी पैसा नहीं लिया” वाला बयान यह दर्शाता है कि उनके लिए अभिनय सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक जुनून है। फरहान अख्तर की 40 करोड़ की डील ठुकराना और बैजू बावरा पर एक साल लगाना यह साबित करता है कि वे अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं।

फिल्म इंडस्ट्री में जहां अक्सर पैसों की चमक-दमक हावी रहती है, वहां रणवीर का यह कदम एक अलग मिसाल पेश करता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह जोखिम भरा फैसला उन्हें किस दिशा में ले जाता है।

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