Rahul Dravid Opens Up on Rohit Sharma Captaincy During His Coaching Stint

Rahul Dravid Opens Up on Rohit Sharma Captaincy During His Coaching Stint

Rahul Dravid और Rohit Sharma की जोड़ी ने भारतीय क्रिकेट के लिए कमाल कर दिया है। 2021 में जब से दोनों ने हाथ मिलाया है, भारतीय टीम 2022 में टी20 विश्व कप तक पहुँची है और एक साल बाद घरेलू मैदान पर वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुँची, जहाँ उसे वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। घरेलू मैदान पर मिली निराशा के बाद, कप्तान-कोच की इस जोड़ी ने कुछ ही महीनों के अंतराल में लगातार दो आईसीसी ट्रॉफी जीतकर भारतीय टीम की किस्मत को फिर से संवार दिया।

महानतम क्रिकेटरों में से एक Rahul Dravid ने हाल ही में Ravichandran Ashwin के YouTube शो Kutti Stories with Ash के एक एपिसोड में Rohit Sharma की कप्तानी और उनके साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की।

इस बातचीत के दौरान द्रविड़ ने बताया कि रोहित शर्मा के साथ काम करना उनके लिए एक बेहद सकारात्मक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि रोहित एक ऐसे कप्तान हैं जो टीम के हर खिलाड़ी की भावनाओं और जरूरतों को समझते हैं। उनके मुताबिक, रोहित की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह टीम के माहौल को हल्का और आत्मविश्वास से भरा रखने की कोशिश करते हैं, जिससे खिलाड़ी खुलकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं।

द्रविड़ ने यह भी कहा कि रोहित का क्रिकेटिंग अनुभव टीम के लिए बहुत मूल्यवान रहा है। लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के कारण उन्हें मैच की परिस्थितियों को समझने और सही समय पर सही फैसला लेने का हुनर आता है। यही कारण है कि कई अहम मुकाबलों में उन्होंने शांत रहकर टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाया।

उन्होंने यह भी बताया कि रोहित के साथ रणनीति पर चर्चा करना हमेशा दिलचस्प होता था। कई बार टीम मीटिंग्स के दौरान दोनों मिलकर अलग-अलग योजनाओं पर विचार करते थे और फिर टीम के हित में सबसे बेहतर विकल्प चुनते थे। द्रविड़ के अनुसार, एक सफल कप्तान और कोच की जोड़ी वही होती है जो आपस में खुलकर बातचीत कर सके और एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करे।

द्रविड़ ने यह भी माना कि रोहित का नेतृत्व केवल मैदान तक सीमित नहीं है। ड्रेसिंग रूम में भी वह खिलाड़ियों को प्रेरित करने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। युवा खिलाड़ियों को मौका देना, उन्हें सलाह देना और कठिन समय में उनका समर्थन करना रोहित की कप्तानी की बड़ी ताकत है।

इस शो के दौरान द्रविड़ ने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी को युवा अवस्था से लेकर एक परिपक्व नेता बनते हुए देखना बहुत संतोषजनक होता है। रोहित शर्मा के साथ भी ऐसा ही हुआ। एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज के रूप में शुरुआत करने वाले रोहित आज भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक बन चुके हैं।

द्रविड़ के अनुसार, रोहित का शांत स्वभाव, अनुभव और टीम के प्रति समर्पण उन्हें एक ऐसा कप्तान बनाता है जिस पर खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट दोनों भरोसा कर सकते हैं। यही वजह है कि उनके नेतृत्व में टीम ने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है।

Rahul Dravid Opens Up on Rohit Sharma Captaincy During His Coaching Stint

Rahul Dravid भारतीय टीम के कोच के रूप में अपनी भूमिका के दौरान Rohit Sharma के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी विस्तार से बात की।

द्रविड़ ने कहा, “यह वास्तव में अच्छा था। Rohit Sharma के बारे में मुझे हमेशा यही लगता था कि वह टीम की बहुत परवाह करते हैं और पहले दिन से ही वह इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे कि वह टीम को कैसे चलाना चाहते हैं और उनके लिए क्या महत्वपूर्ण है।”

“और यह कप्तान और कोच के बीच किसी भी रिश्ते में वास्तव में महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से जिस तरह से मैं कोचिंग करता हूँ। मैं हमेशा यह मानता हूँ कि यह कप्तान की टीम होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा, “मैं एक खिलाड़ी रहा हूं और मैं एक कप्तान भी रहा हूं, लेकिन एक कप्तान को उस दिशा में नेतृत्व करना होता है जिस दिशा में वह जाना चाहता है, और आपको उसका समर्थन करना होगा और इसमें उसकी मदद करनी होगी।”

द्रविड़ ने कहा कि Rohit Sharma इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे कि वह टीम से क्या चाहते हैं और टीम को कैसे काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव से भी मदद मिली।

द्रविड़ ने कहा, “कभी-कभी आपको कप्तान को स्पष्टता दिलाने और यह समझने में मदद करने की जरूरत होती है कि क्या आवश्यक है।”

“लेकिन रोहित के मामले में मुझे लगता है कि वह इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे कि वह टीम से क्या चाहते हैं, वह कैसा माहौल चाहते हैं और वह चीजों को कैसे चलाना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उनके पास वर्षों का बहुत अनुभव था और इससे उन्हें बहुत मदद मिली। वह इन बातों को लेकर बहुत स्पष्ट थे।”

द्रविड़ ने कहा कि वह समझते हैं कि रोहित के लिए एक सहज माहौल बनाना ज़रूरी है। “मेरे लिए, यह उनके साथ काम करने का मतलब था कि उन्हें कभी-कभी कुछ चीज़ों में चुनौती देनी थी, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना था कि वह उस माहौल में सहज महसूस करें।”

“क्योंकि मुझे पता था कि एक बार जब वह उस जगह पर सहज हो जाएगा, तो वह अच्छा प्रदर्शन करेगा और वह बाकी सभी को भी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।”

उन्होंने कहा, “मुझे उन्हें एक व्यक्ति के रूप में जानने और उनसे बातचीत करने में बहुत मज़ा आया। हमारी बातचीत के दौरान कई बार ऐसा हुआ कि हम एक-दूसरे के साथ बैठकर सिर्फ़ क्रिकेट की बात करने के बजाय बातचीत करने में सहज थे।”

उन्होंने कहा, “शाम को उनके साथ भोजन करना आसान लगा, आप जानते हैं, मुझ पर कोई दबाव नहीं डाला गया या ऐसा नहीं लगा कि, ‘ओह, हमें उन्हें मनाना होगा और बैठक करनी होगी’।”

द्रविड़ ने कहा, “उसे अंडर-19 खिलाड़ी के रूप में देखना और एक क्रिकेटर के रूप में उसे पहला मौका देना, ताकि यह देखा जा सके कि वह एक व्यक्ति और एक नेता के रूप में कैसे विकसित हुआ, यह वास्तव में बहुत अच्छा था।”

द्रविड़ ने यह भी बताया कि एक कप्तान के रूप में रोहित शर्मा की सबसे बड़ी ताकत उनकी शांत और संतुलित सोच है। उनके अनुसार, रोहित मैदान पर बहुत ज्यादा घबराते नहीं हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखते हैं। यही गुण उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि टीम के कई युवा खिलाड़ियों को रोहित से काफी प्रेरणा मिली। रोहित अक्सर ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों से खुलकर बातचीत करते थे और उन्हें अपनी क्षमता पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित करते थे। द्रविड़ के मुताबिक, यह एक अच्छे नेता की पहचान होती है कि वह टीम के हर खिलाड़ी को महत्वपूर्ण महसूस कराए।

द्रविड़ ने यह भी माना कि आधुनिक क्रिकेट में कप्तान की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। लगातार मैच, अलग-अलग फॉर्मेट और खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेज करना आसान नहीं होता। ऐसे में रोहित ने इन जिम्मेदारियों को काफी समझदारी से निभाया।

उन्होंने कहा कि रोहित की कप्तानी में टीम का माहौल काफी सकारात्मक और सहयोगी था। खिलाड़ी बिना किसी डर के अपनी राय रख सकते थे और टीम मीटिंग्स में खुलकर चर्चा होती थी। इससे टीम के भीतर विश्वास और एकजुटता बढ़ी।

द्रविड़ के अनुसार, एक कोच के रूप में उनका काम केवल रणनीति बनाना ही नहीं था, बल्कि कप्तान और खिलाड़ियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी था। रोहित के साथ काम करते समय उन्हें यह काम अपेक्षाकृत आसान लगा क्योंकि रोहित खुद भी टीम के हर सदस्य की बात सुनने के लिए तैयार रहते थे।

उन्होंने अंत में कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी के साथ काम करना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। द्रविड़ का मानना है कि रोहित का नेतृत्व और उनका क्रिकेटिंग अनुभव भारतीय टीम के लिए लंबे समय तक फायदेमंद साबित होगा।

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