आमतौर पर जब कोई नई सुपरकार लॉन्च होती है तो लोग उसकी स्पीड, डिजाइन और कीमत पर चर्चा करते हैं। लेकिन इस बार खबरों में कुछ अलग ही कारण से सुपरकार छा गई है। ब्रिटेन की मशहूर ऑटोमोबाइल कंपनी लांज़ांटे (Lanzante Limited) ने 2025 में पहली बार अपनी खुद की हाइपरकार पेश की। कार का नाम है 95-59, और इसमें खास बात है इसका लोगो, जो प्रेरित है भगवान गणेश से।
जैसे ही यह लोगो सामने आया, इंटरनेट पर तहलका मच गया। खासकर भारत में लोग सोशल मीडिया पर “गणपति बप्पा मोरया” लिखते हुए इस कार की तस्वीरें शेयर करने लगे। आइए जानते हैं लांज़ांटे की यह सुपरकार क्यों चर्चा में है, इसका इतिहास क्या है और गणेश जी का लोगो इसमें क्यों इस्तेमाल किया गया।

लांज़ांटे कौन है?
Lanzante कोई नई कंपनी नहीं है। 1995 में इस कंपनी ने 24 ऑवर्स ऑफ़ ले मांस (Le Mans) नाम की दुनिया की सबसे कठिन रेस जीतकर सबको चौंका दिया था। उस वक्त लांज़ांटे ने मैक्लारेन की F1 GTR कार को तैयार किया और रेस में उतारा था। जीत के बाद कंपनी का नाम मोटरस्पोर्ट की दुनिया में मशहूर हो गया।
इसके बाद लांज़ांटे ने कई दुर्लभ और हाई-परफॉर्मेंस कारों पर काम किया। खासतौर पर मैक्लारेन की कारों को रोड पर चलाने लायक बनाना उनकी खासियत रही। लेकिन अब उन्होंने अपनी खुद की सुपरकार बनाकर दुनिया को चौंका दिया है।
गणेश जी का लोगो क्यों?
भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। भारत में किसी भी शुभ काम से पहले लोग गणपति की पूजा करते हैं।
Lanzante के लोगो में गणेश जी आने की कहानी भी रोचक है। कंपनी के फाउंडर पॉल लांज़ांटे के दोस्त थे जॉर्ज हैरिसन, जो द बीटल्स (The Beatles) बैंड के गिटारिस्ट थे। जॉर्ज हैरिसन भारत से गहरे जुड़े हुए थे और भारतीय संस्कृति से बेहद प्रभावित थे। बताया जाता है कि उन्होंने ही पॉल को सुझाव दिया था कि लोगो में गणेश जी को शामिल किया जाए।
आज वही लोगो लांज़ांटे की नई सुपरकार 95-59 पर चमक रहा है।
Lanzante 95-59 की खासियत
लोगो जितना अनोखा है, कार भी उतनी ही दमदार है। यह कार लांज़ांटे की 1995 की ले मांस जीत की याद दिलाती है। इसे डिज़ाइन किया है पॉल हाउज़ ने, जिन्होंने मैक्लारेन P1 भी डिज़ाइन की थी।
कार की मुख्य खासियतें:
- तीन सीट वाला लेआउट: ड्राइवर बीच में बैठता है और दोनों तरफ पीछे पैसेंजर सीट होती हैं, जैसे मैक्लारेन F1 में था।
- फाइटर जेट जैसा इंटीरियर: ग्लास रूफ और ऊपर लगे कंट्रोल स्विच इसे एक विमान जैसा अहसास देते हैं।
- इंजन: 850 हॉर्सपावर का ट्विन-टर्बो V8 इंजन, जो कार को बेहद ताकतवर बनाता है।
- बॉडी: पूरी कार कार्बन फाइबर से बनी है, जिससे यह हल्की और मजबूत है।
- एग्जॉस्ट डिजाइन: F-22 फाइटर जेट से प्रेरित सेंट्रल एग्जॉस्ट।
कीमत और लिमिटेड एडिशन
Lanzante 95-59 की कीमत करीब 1.38 मिलियन यूरो (लगभग ₹12.5 करोड़) रखी गई है। सिर्फ 59 कारें ही बनाई जाएंगी और हर कार पर भगवान गणेश का लोगो होगा। यही इसे और ज्यादा खास बनाता है।

सांस्कृतिक महत्व
ऑटोमोबाइल की दुनिया में लोगो बहुत मायने रखते हैं। जैसे फेरारी का घोड़ा, लैम्बॉर्गिनी का सांड या रोल्स-रॉयस की ‘स्पिरिट ऑफ़ एक्स्टसी’। इन्हीं के बीच लांज़ांटे ने भगवान गणेश का प्रतीक चुना, जो उन्हें अलग पहचान देता है।
भारतीय दर्शकों के लिए यह गर्व का क्षण है, क्योंकि पहली बार किसी ब्रिटिश सुपरकार पर भारतीय आस्था का चिह्न इस्तेमाल हुआ है।
विवाद और बहस
हालांकि हर कोई इससे खुश नहीं था। कुछ लोगों ने कहा कि धार्मिक प्रतीक को लग्ज़री कार पर इस्तेमाल करना सही नहीं है। वहीं, कई लोगों ने इसे सम्मानजनक और सकारात्मक कदम बताया।
लांज़ांटे ने भी साफ किया कि यह कदम केवल मार्केटिंग नहीं था, बल्कि दोस्ती और प्रेरणा का नतीजा है।
Lanzante की 95-59 सुपरकार ने यह साबित कर दिया कि गाड़ियाँ सिर्फ मशीन नहीं होतीं, बल्कि एक कहानी भी कहती हैं। इस कार में जहां स्पीड और लक्ज़री है, वहीं भगवान गणेश का लोगो इसे एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव देता है।
भारत में लोग इसे गर्व और उत्साह से देख रहे हैं। और दुनिया भर में कार प्रेमी इसे इंजीनियरिंग और संस्कृति का अनोखा संगम मान रहे हैं।
सुपरकारों की भीड़ में, लांज़ांटे ने दिखा दिया कि पहचान बनाने के लिए सिर्फ हॉर्सपावर ही नहीं, बल्कि एक गहरी सोच और प्रतीक भी काफी है।
🚨 GANESHA🐘 x SUPERCARS🏎️
— Hindustan (@InsideHindustan) August 29, 2025
Did you know?
Supercar maker Lanzante’s logo is inspired by Lord Ganesha 🙏
Ganesha = good luck & remover of obstacles.
Happy Ganesh Chaturthi ❤️#GaneshChaturthi #supercars pic.twitter.com/qGFxRcOMja
Best EV cars in India 2025 under 20 lakh
उपरोक्त बेंचमार्क मीडिया और सोशल मीडिया स्रोतों से प्राप्त किए गए हैं।