Arshad Nadeem का बड़ा आरोप: पाकिस्तान सरकार के Fake Promises ने किया निराश – 2025 Update

पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर Arshad Nadeem, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार गौरवान्वित किया, एक बार फिर सुर्खियों में हैं — लेकिन इस बार वजह खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि पाकिस्तान सरकार के “झूठे वादे” (Fake Promises) हैं।
2025 की शुरुआत में Arshad ने खुलकर कहा है कि सरकार ने जितने वादे किए थे, उनमें से अधिकांश अब तक पूरे नहीं हुए, जिससे वह बेहद निराश और हताश महसूस कर रहे हैं।

नदीम ने पेरिस खेलों में 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया, और नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने पिछले साल स्टेड डी फ्रांस में रजत पदक जीता था।

हाल ही में जियो टीवी को दिए एक इंटरव्यू में, 28 वर्षीय नदीम ने खुलासा किया कि उन्हें वादा किए गए नकद पुरस्कार तो मिले, लेकिन ज़मीन के प्लॉट का कोई भी इनाम पूरा नहीं हुआ। नदीम ने कहा, “मेरे लिए जितने भी इनामों की घोषणाएँ की गईं, उनमें से सभी प्लॉट की घोषणाएँ झूठी थीं, जो मुझे नहीं मिलीं। इसके अलावा, मुझे घोषित सभी नकद पुरस्कार मिल गए हैं।”

उन्होंने कहा, “मेरा पूरा ध्यान खुद पर है, लेकिन इसके अलावा, जो भी युवा हमारे पास प्रशिक्षण के लिए आता है, हम उसे प्रशिक्षण देते हैं और यह प्रशिक्षण मेरे कोच सलमान बट द्वारा दिया जाता है।”

इस बीच, 28 वर्षीय नदीम ने एक अलग रास्ता चुना। ओलंपिक स्वर्ण जीतने के बाद, उन्होंने प्रमुख प्रतियोगिताओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए सीमित सीज़न का विकल्प चुना। पेरिस ओलंपिक से पहले, उन्होंने 2024 में केवल एक बार भाग लिया था, जहाँ उन्होंने दक्षिण कोरिया के गुमी में एशियाई चैंपियनशिप में 86.40 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था। चोपड़ा ने उन्हें 24 मई को होने वाली एनसी क्लासिक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन एशियाई चैंपियनशिप के साथ समय-सीमा के टकराव के कारण उन्होंने मना कर दिया। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद बढ़ते तनाव के कारण यह आयोजन अंततः स्थगित कर दिया गया और जुलाई के लिए पुनर्निर्धारित किया गया।

Arshad Nadeem कौन हैं?

Arshad Nadeem पाकिस्तान के मशहूर जैवेलिन थ्रोअर (भाला फेंक खिलाड़ी) हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2021 और वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करके पाकिस्तान का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

  • 2022 Commonwealth Games में उन्होंने Gold Medal जीतकर इतिहास रचा।
  • Arshad को Neeraj Chopra के साथ राइवलरी के कारण भी काफी लोकप्रियता मिली।
  • पाकिस्तान के खेल इतिहास में वे कुछ गिने-चुने एथलीट्स में हैं जिन्होंने global level पर इतनी बड़ी पहचान बनाई।

Arshad का गुस्सा क्यों फूटा?

Arshad Nadeem की नाराज़गी क्यों बढ़ी?

Olympics और Commonwealth Games में शानदार प्रदर्शन के बाद Arshad को उम्मीद थी कि सरकार:

  • आधुनिक training facilities देगी
  • financial support मजबूत करेगी
  • dedicated medical और recovery स्टाफ उपलब्ध कराएगी
  • international camp स्पॉन्सर करेगी

लेकिन 2025 में भी इन वादों में से ज्यादातर कागज़ों तक ही सीमित हैं।

Arshad का ताज़ा बयान:

“हर बार कहा जाता है कि facilities मिलेंगी, लेकिन ground reality कुछ और है। खिलाड़ियों से वादे किए जाते हैं, पूरे नहीं होते।”

उनके इस बयान ने पाकिस्तान स्पोर्ट्स सिस्टम की पोल खोल दी।

Fake Promises – असल में हुआ क्या?

सरकार और खेल मंत्रालय की ओर से पिछले साल बड़े घोषणाएँ की गई थीं:

📌 वादा 1: World-class training center

👉 अब तक निर्माण शुरू भी नहीं हुआ।

📌 वादा 2: Special medical team for Arshad

👉 Arshad कई बार चोट से जूझे, लेकिन इलाज अपने खर्च पर करवाया।

📌 वादा 3: International training tour

👉 फंड रिलीज नहीं होने के कारण कैंसिल।

📌 वादा 4: Monthly stipend increase

👉 फाइल्स में proposal है, implement नहीं हुआ।

इन सबके चलते Arshad अब openly frustration दिखा रहे हैं।

पाकिस्तान स्पोर्ट्स सिस्टम पर बड़ा सवाल

Arshad का यह खुला आरोप पाकिस्तान की खेल नीति की कई कमियों को सामने लाता है:

  • Limited funding
  • Corruption
  • Bureaucratic delays
  • No long-term planning
  • Priority सिर्फ cricket को

ऐसे माहौल में world-class athletes तैयार करना लगभग असंभव है।

क्या इसका असर 2025–26 के competitions पर पड़ेगा?

YES — अगर हालात ऐसे ही रहे, तो Arshad की performance पर असर पड़ सकता है:

🔹 Injury recovery धीमी

🔹 Training international level की नहीं

🔹 Mental frustration बढ़ती जा रही

🔹 Upcoming Asian Championship और World Athletics में disadvantage

अगर facilities नहीं मिलीं, तो Arshad की consistent performance risk पर है।

सोशल मीडिया पर समर्थन — Fans बोले: “Arshad deserves better!”

जैसे ही Arshad का बयान सामने आया, पाकिस्तान और भारत दोनों जगह सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया आने लगी:

  • Fans ने कहा कि Arshad जैसे athletes किसी देश की “शान” होते हैं
  • कई users ने सरकार को “sports killers” तक कहा
  • कुछ ने तुलना की कि Neeraj Chopra को भारत ने किस तरह सपोर्ट किया

मज़ेदार बात:

कई पाकिस्तानी fans बोले —
“अगर support नहीं दे सकते तो Arshad को इंडिया भेज दो!”

2025 Update – आगे क्या होने वाला है?

  • पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने Emergency Meeting बुलाई है
  • Funding release proposal फिर से फाइल में डाल दिया गया है
  • Arshad के coach ने भी सरकार को warning दी है
  • कुछ brands sponsorship देने को तैयार हैं

अगर pressure बना रहा तो अगले 2–3 महीने में Arshad को कुछ facilities मिल सकती हैं।

Neeraj Chopra बनाम Arshad Nadeem – फर्क क्यों?

भारत के Neeraj Chopra और पाकिस्तान के Arshad Nadeem लगभग एक ही समय पर उभरे। लेकिन दोनों की journeys में बड़ा फर्क है:

  • Neeraj Chopra को भारतीय सरकार, Athletics Federation और private sponsors से लगातार support मिला।
  • High class training, nutrition experts और physio उन्हें समय पर उपलब्ध कराए गए।
  • दूसरी ओर, Arshad Nadeem आज भी basic training ground और equipment की कमी से जूझ रहे हैं।

यही अंतर दोनों के results में भी दिखाई देता है।

Arshad Nadeem का यह बयान सिर्फ उनकी personal नाराज़गी नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है कि Fake Promises से खिलाड़ियों का future अंधेरे में चला जाता है। अगर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी पहचान बनाए रखनी है, तो उसे अपने खिलाड़ियों को सिर्फ वादे नहीं बल्कि वास्तविक support देना होगा।

Arshad Nadeem सिर्फ शिकायत नहीं कर रहे — वह पाकिस्तान के पूरे Sports System का सच उजागर कर रहे हैं।**

एक world-level athlete को support देना किसी सरकार का फर्ज है, favor नहीं।
अगर पाकिस्तान ने Arshad को support नहीं किया, तो ये उनका नुकसान होगा — क्योंकि Arshad जैसे खिलाड़ी रोज़ पैदा नहीं होते।

India-Pak tension so real, even Hayden Dropped his mic!

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