MS Dhoni की Meril Vapi यात्रा: ‘Treatment Zaroori Hai’ अभियान को मिली नई ताकत और देशभर में जागरूकता की लहर

Meril के Vapi स्थित global headquarters की अपनी पहली यात्रा के दौरान, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान MS Dhoni ने “Bachpana Shouldn’t Retire” विषय पर एक दिल से जुड़ी और प्रेरणादायक बातचीत की। “Bachpana Shouldn’t Retire” Meril के nationwide public health movement “Treatment Zaroori Hai” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को समय पर diagnosis और advanced medical treatment के प्रति जागरूक करना है।

इस बातचीत में धोनी ने कहा कि इंसान को उम्र बढ़ने के साथ भी अपने अंदर के बचपन, उत्साह और जिज्ञासा को जिंदा रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि positive सोच और mental strength, बीमारी से लड़ने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। यह पहल लोगों को न सिर्फ सही समय पर इलाज कराने के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उन्हें जीवन के प्रति आशावादी और मजबूत बने रहने का संदेश भी देती है।

MS Dhoni की Meril के Vapi campus की पहली यात्रा ने ‘Treatment Zaroori Hai’ अभियान को और मजबूत किया

“इस बड़े अभियान के एक विशेष विस्तार के रूप में, “Bachpana Shouldn’t Retire” को Treatment Zaroori Hai के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित स्वास्थ्य पहल के रूप में पेश किया गया है। यह अभियान इस बात पर जोर देता है कि समय पर जांच (early detection), preventive screenings और आधुनिक इलाज की सुविधा, हृदय (cardiac), हड्डी (orthopedic) और अन्य उम्र से जुड़ी बीमारियों में बेहतर परिणाम दे सकती है — जिससे बुजुर्गों की स्वतंत्रता और जीवन की गुणवत्ता बनी रहती है।

यह अभियान एक सरल लेकिन मजबूत संदेश देता है — उम्र भले ही बढ़े, लेकिन इंसान के अंदर की खुशी, जिज्ञासा और बचपन कभी खत्म नहीं होना चाहिए। इस बातचीत में हर उम्र में सम्मान और उत्साह बनाए रखने की अहमियत को भी उजागर किया गया, खासकर तब जब भारत में बुजुर्गों के बीच lifestyle से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

इसके साथ ही यह पहल डॉक्टरों और healthcare experts को भी प्रेरित करती है कि वे बुजुर्गों को नियमित जांच, सही खान-पान और सक्रिय जीवनशैली के बारे में जागरूक करें। परिवार और समाज की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि वरिष्ठ नागरिक खुद को सुरक्षित, सम्मानित और खुश महसूस करें। इस तरह यह अभियान बेहतर इलाज के साथ-साथ बेहतर जीवन जीने की दिशा में एक मजबूत कदम है।”

अभियान के गहरे उद्देश्य पर बात करते हुए, MS Dhoni ने कहा, “मैं हमेशा से मानता हूं कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना सबसे जरूरी चीजों में से एक है — अपने लिए भी और उन लोगों के लिए भी जो आपसे प्यार करते हैं। खासकर युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वे अपने माता-पिता और दादा-दादी को सही देखभाल, ध्यान और समर्थन दें। Treatment Zaroori Hai जैसी पहलें इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं और इसका हिस्सा बनकर मुझे खुशी है।”

उन्होंने आगे यह भी कहा कि आज की तेज़ भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए समय-समय पर जांच कराना, सही जीवनशैली अपनाना और अपनों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। Dhoni ने यह संदेश भी दिया कि परिवार का साथ और भावनात्मक समर्थन, किसी भी इलाज से कम नहीं होता और बुजुर्गों के लिए यह सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

परिवारों के लिए एक राष्ट्रीय अभियान

इस अभियान को एक nationwide digital participation movement के रूप में तैयार किया गया है, जो युवाओं को अपने दादा-दादी के साथ meaningful समय बिताने के लिए प्रेरित करता है — चाहे वह बचपन के खेल दोबारा खेलना हो, कोई शौक साझा करना हो या रोजमर्रा के खुशी भरे पलों को कैद करना हो। यह पहल भावनात्मक जुड़ाव के साथ preventive healthcare awareness को जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

भारत में lifestyle से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो स्वस्थ उम्र बढ़ने में बड़ी बाधा बन रही हैं। हृदय रोग देश में कुल मौतों का लगभग 28% कारण हैं, जबकि मोटापा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही, घुटनों से जुड़ी समस्याएं जैसे osteoarthritis लाखों लोगों को प्रभावित कर रही हैं। ये सभी संकेत देते हैं कि समय पर जांच, सही इलाज और जागरूकता बेहद जरूरी है।

यह अभियान Treatment Zaroori Hai प्लेटफॉर्म और Meril के आधिकारिक मीडिया चैनलों के जरिए बड़े स्तर पर चलाया जाएगा, जिसमें प्रिंट, टीवी, रेडियो और डिजिटल मीडिया शामिल होंगे। इसका उद्देश्य न सिर्फ जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि लोगों को सक्रिय रूप से इस पहल का हिस्सा बनाना भी है।

जैसे-जैसे भारत की आबादी बूढ़ी हो रही है, स्वस्थ और सम्मानजनक जीवन पर चर्चा और भी जरूरी हो गई है। “Bachpana Shouldn’t Retire” यह याद दिलाता है कि उम्र बढ़ने का मतलब जीवन के उत्साह को छोड़ना नहीं है, बल्कि उसे और बेहतर तरीके से जीना है।

अभियान लोगों से अपील करता है कि वे अपने परिवार के साथ बिताए खास पलों को वीडियो, फोटो या कहानियों के रूप में साझा करें और इस पहल का हिस्सा बनें। इससे व्यक्तिगत यादें एक बड़े सामाजिक संदेश में बदलेंगी, जो बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सम्मान और रिश्तों की अहमियत को उजागर करेंगी।

इसके अलावा, यह पहल युवाओं को अपने बुजुर्गों के साथ नियमित बातचीत करने, उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने और उन्हें अकेलापन महसूस न होने देने के लिए भी प्रेरित करती है। इस तरह यह अभियान सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि रिश्तों को मजबूत बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अभियान के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां बुजुर्गों को बोझ नहीं बल्कि अनुभव और ज्ञान का खजाना माना जाए। युवा पीढ़ी जब अपने बुजुर्गों के साथ समय बिताती है, तो न केवल रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी सीखने को मिलते हैं।

साथ ही, यह पहल यह भी बताती है कि तकनीक का सही उपयोग करके हम अपने बुजुर्गों के जीवन को आसान बना सकते हैं — जैसे ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन, हेल्थ ऐप्स और रिमाइंडर सिस्टम। इससे समय पर इलाज और देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।

अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह लोगों को छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करता है — जैसे रोजाना टहलना, संतुलित आहार लेना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और तनाव से दूर रहना। ये छोटे कदम लंबे समय में बड़े बदलाव ला सकते हैं।

अंततः, “Bachpana Shouldn’t Retire” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक सोच है — एक ऐसा संदेश जो हर पीढ़ी को जोड़ता है और यह सिखाता है कि जीवन के हर पड़ाव में खुशी, सम्मान और अपनापन बना रहना चाहिए।

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